श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 12: भगवान का नवद्वीप में भ्रमण  »  श्लोक 244
 
 
श्लोक  1.12.244 
অধরে তাম্বূল, কোটি-চন্দ্র শ্রী-বদন
লোকে বোলে,—“মূর্তি-মন্ত এই কি মদন?”
अधरे ताम्बूल, कोटि-चन्द्र श्री-वदन
लोके बोले,—“मूर्ति-मन्त एइ कि मदन?”
 
 
अनुवाद
जब वे सुपारी चबाते थे, तो उनका मुख करोड़ों चंद्रमाओं के समान चमकता था। उन्हें देखकर लोग पूछते थे, "क्या वे कामदेव हैं?"
 
When he chewed betel nut, his face shone like millions of moons. People would ask, "Is he Cupid?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)