श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 12: भगवान का नवद्वीप में भ्रमण  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  1.12.24 
গদাধর বোলে,—“আত্যন্তিক দুঃখ-নাশ
ইহারেই শাস্ত্রে কহে মুক্তির প্রকাশ”
गदाधर बोले,—“आत्यन्तिक दुःख-नाश
इहारेइ शास्त्रे कहे मुक्तिर प्रकाश”
 
 
अनुवाद
तब गदाधर बोले, "दुःख से मुक्ति ही मोक्ष है। शास्त्रों के अनुसार मोक्ष का यही अर्थ है।"
 
Then Gadadhara said, "Freedom from suffering is salvation. This is the meaning of salvation according to the scriptures."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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