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श्लोक 1.12.231  |
আই যা’রে সকৃত্ করেন দৃষ্টি-পাতে
সেই হয অধিকারী এ সব দেখিতে |
आइ या’रे सकृत् करेन दृष्टि-पाते
सेइ हय अधिकारी ए सब देखिते |
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| अनुवाद |
| जो भी व्यक्ति माता शची की कृपादृष्टि प्राप्त करता है, वह ऐसे ऐश्वर्यों को देखने का अधिकारी बन जाता है। |
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| Whoever receives the blessings of Mother Shachi becomes entitled to see such luxuries. |
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