vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 12: भगवान का नवद्वीप में भ्रमण
»
श्लोक 2
श्लोक
1.12.2
হেন মতে নবদ্বীপে শ্রী-গৌরসুন্দর
পুস্তক লৈযা ক্রীডা করে নিরন্তর
हेन मते नवद्वीपे श्री-गौरसुन्दर
पुस्तक लैया क्रीडा करे निरन्तर
अनुवाद
इस प्रकार श्री गौरसुन्दर हाथ में पुस्तक लेकर नवद्वीप में सदैव लीलाओं का आनन्द लेते रहते थे।
Thus, Sri Gaurasundara, with a book in his hand, always enjoyed the pastimes in Navadvipa.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×