श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 12: भगवान का नवद्वीप में भ्रमण  »  श्लोक 176
 
 
श्लोक  1.12.176 
এতেক চিন্তিতে প্রভু বলিলা হাসিযা
“কে আমি, কি দেখ, কেনে না কহ ভাঙ্গিযা?”
एतेक चिन्तिते प्रभु बलिला हासिया
“के आमि, कि देख, केने ना कह भाङ्गिया?”
 
 
अनुवाद
भगवान मुस्कुराए और विचारशील ज्योतिषी से पूछा, "मैं कौन हूँ? तुमने क्या देखा? मुझे सब कुछ विस्तार से बताओ।"
 
The Lord smiled and asked the thoughtful astrologer, "Who am I? What did you see? Tell me everything in detail."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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