vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 12: भगवान का नवद्वीप में भ्रमण
»
श्लोक 148
श्लोक
1.12.148
দিব্য-শঙ্খ শাঙ্খারি আনিযা সেই-ক্ষণে
প্রভুর শ্রী-হস্তে দিযা করিল প্রণামে
दिव्य-शङ्ख शाङ्खारि आनिया सेइ-क्षणे
प्रभुर श्री-हस्ते दिया करिल प्रणामे
अनुवाद
तभी व्यापारी ने निमाई के हाथ में एक सुन्दर शंख रख दिया और उन्हें प्रणाम किया।
Then the merchant placed a beautiful conch in Nimai's hand and bowed to him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×