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श्लोक 1.12.100  |
গঙ্গা-জলে বিহার করিযা কত-ক্ষণ
গৃহে আসি’ করে প্রভু শ্রী-বিষ্ণু-পূজন |
गङ्गा-जले विहार करिया कत-क्षण
गृहे आसि’ करे प्रभु श्री-विष्णु-पूजन |
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| अनुवाद |
| भगवान कुछ समय तक गंगा के जल में क्रीड़ा करते रहे और फिर भगवान विष्णु की पूजा करने के लिए घर लौट आये। |
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| The Lord played in the waters of the Ganga for some time and then returned home to worship Lord Vishnu. |
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