श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 11: श्री ईश्वर पुरी से मिलन  »  श्लोक 98
 
 
श्लोक  1.11.98 
গদাধর পণ্ডিতের দেখি’ প্রেম-জল
বড প্রীত বাসে’ তা’নে বৈষ্ণব-সকল
गदाधर पण्डितेर देखि’ प्रेम-जल
बड प्रीत वासे’ ता’ने वैष्णव-सकल
 
 
अनुवाद
गदाधर पंडित के प्रेमाश्रु देखकर सभी वैष्णवों को उनके प्रति अत्यन्त स्नेह हुआ।
 
Seeing the tears of love of Gadadhara Pandit, all the Vaishnavas felt immense affection towards him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)