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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 1: आदि-खण्ड
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अध्याय 11: श्री ईश्वर पुरी से मिलन
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श्लोक 90
श्लोक
1.11.90
জিজ্ঞাসেন,—“তোমার কি নাম, বিপ্র-বর?
কি পুঙ্থি পডাও, পড, কোন্ স্থানে ঘর?”
जिज्ञासेन,—“तोमार कि नाम, विप्र-वर?
कि पुङ्थि पडाओ, पड, कोन् स्थाने घर?”
अनुवाद
ईश्वर पुरी ने पूछा, "हे ब्राह्मणश्रेष्ठ, आपका नाम क्या है? आप क्या पढ़ते और पढ़ाते हैं, और आप कहाँ रहते हैं?"
Ishvara Puri asked, "O best of Brahmins, what is your name? What do you study and teach, and where do you live?"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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