vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 11: श्री ईश्वर पुरी से मिलन
»
श्लोक 9
श्लोक
1.11.9
সকল ’সṁসারী’ দেখি’ বোলে,—“ধন্য ধন্য
এ নন্দন যাহার, তাহার কোন্ দৈন্য?”
सकल ’सꣳसारी’ देखि’ बोले,—“धन्य धन्य
ए नन्दन याहार, ताहार कोन् दैन्य?”
अनुवाद
सभी भौतिकवादी लोग कहने लगे, "इस लड़के के माता-पिता तो निःसंदेह महान हैं। उनमें क्या कमी हो सकती है?"
All the materialistic people started saying, "This boy's parents are undoubtedly great. What could they be lacking?"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×