श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 11: श्री ईश्वर पुरी से मिलन  »  श्लोक 88
 
 
श्लोक  1.11.88 
যদ্যপি তাহান মর্ম কেহ নাহি জানে
তথাপি সাধ্বস করে দেখি’ সর্ব-জনে
यद्यपि ताहान मर्म केह नाहि जाने
तथापि साध्वस करे देखि’ सर्व-जने
 
 
अनुवाद
यद्यपि लोग उसकी वास्तविक पहचान नहीं जानते थे, फिर भी वे उसके प्रति बहुत आदर रखते थे।
 
Although people did not know his real identity, they still had great respect for him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)