श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 11: श्री ईश्वर पुरी से मिलन  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  1.11.79 
নযনের জলে অন্ত নাহিক তাহান
পুনঃ-পুনঃ বাডে প্রেম-ধারার পযান
नयनेर जले अन्त नाहिक ताहान
पुनः-पुनः बाडे प्रेम-धारार पयान
 
 
अनुवाद
उसकी आँखों से लगातार आँसू बह रहे थे और उसके प्रेम की लहरें बार-बार बढ़ रही थीं।
 
Tears were continuously flowing from his eyes and the waves of his love were increasing again and again.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)