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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 1: आदि-खण्ड
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अध्याय 11: श्री ईश्वर पुरी से मिलन
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श्लोक 46
श्लोक
1.11.46
হাসি’ বোলে প্রভু—“আগে পডোঙ্ কত-দিন
তবে সে দেখিবা-মোর বৈষ্ণবের চিন
हासि’ बोले प्रभु—“आगे पडोङ् कत-दिन
तबे से देखिबा-मोर वैष्णवेर चिन
अनुवाद
मुस्कुराते हुए भगवान ने कहा, "जब मैं अपनी पढ़ाई पूरी कर लूंगा, तब तुम सब मेरे वैष्णव गुणों को देखोगे।"
Smiling, the Lord said, “When I complete my studies, you will all see my Vaishnava qualities.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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