vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 11: श्री ईश्वर पुरी से मिलन
»
श्लोक 31
श्लोक
1.11.31
এই-মত প্রভু নিজ-সেবক চিনিঞা
জিজ্ঞাসেন ফাঙ্কি, সবে যাযেন হারিযা
एइ-मत प्रभु निज-सेवक चिनिञा
जिज्ञासेन फाङ्कि, सबे यायेन हारिया
अनुवाद
इस प्रकार भगवान ने अपने भक्तों को किसी बिंदु पर स्पष्टीकरण के लिए चुनौती देकर उन्हें पहचान लिया, लेकिन आगामी बहस में वे सभी पराजित हो गए।
Thus the Lord recognized His devotees by challenging them to an explanation on some point, but they were all defeated in the ensuing debate.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×