श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 11: श्री ईश्वर पुरी से मिलन  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  1.11.31 
এই-মত প্রভু নিজ-সেবক চিনিঞা
জিজ্ঞাসেন ফাঙ্কি, সবে যাযেন হারিযা
एइ-मत प्रभु निज-सेवक चिनिञा
जिज्ञासेन फाङ्कि, सबे यायेन हारिया
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भगवान ने अपने भक्तों को किसी बिंदु पर स्पष्टीकरण के लिए चुनौती देकर उन्हें पहचान लिया, लेकिन आगामी बहस में वे सभी पराजित हो गए।
 
Thus the Lord recognized His devotees by challenging them to an explanation on some point, but they were all defeated in the ensuing debate.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)