श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 11: श्री ईश्वर पुरी से मिलन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  1.11.29 
প্রভু জিজ্ঞাসেন ফাঙ্কি, বাখানে মুকুন্দ
প্রভু বোলে,—“কিছু নহে”, আর লাগে দ্বন্দ্ব
प्रभु जिज्ञासेन फाङ्कि, वाखाने मुकुन्द
प्रभु बोले,—“किछु नहे”, आर लागे द्वन्द्व
 
 
अनुवाद
तब भगवान मुकुंद से किसी बिंदु पर स्पष्टीकरण मांगते, और जब मुकुंद उत्तर देते, तो भगवान कहते, "गलत!" और तुरंत बहस शुरू हो जाती।
 
Then the Lord would ask Mukunda for clarification on some point, and when Mukunda answered, the Lord would say, "Wrong!" and an argument would immediately begin.
तात्पर्य
भगवान द्वारा ललकारे जाने पर मुकुंद जो कुछ भी उत्तर देते, भगवान उसे तुरंत अस्वीकार कर देते और नतीज़तन वे झगड़ने लगते।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)