श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 11: श्री ईश्वर पुरी से मिलन  »  श्लोक 111
 
 
श्लोक  1.11.111 
শুনিযা ঈশ্বর-পুরী প্রভুর উত্তর
অমৃত-সিঞ্চিত হৈল সর্ব-কলেবর
शुनिया ईश्वर-पुरी प्रभुर उत्तर
अमृत-सिञ्चित हैल सर्व-कलेवर
 
 
अनुवाद
निमाई का उत्तर सुनना ईश्वरपुरी के शरीर पर अमृत की वर्षा के समान था।
 
Hearing Nimai's answer was like the rain of nectar on Ishwarpuri's body.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)