श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 11: श्री ईश्वर पुरी से मिलन  »  श्लोक 105
 
 
श्लोक  1.11.105 
প্রভু বোলে,—“ভক্ত-বাক্য কৃষ্ণের বর্ণন
ইহাতে যে দোষ দেখে, সে-ই ’পাপী’ জন
प्रभु बोले,—“भक्त-वाक्य कृष्णेर वर्णन
इहाते ये दोष देखे, से-इ ’पापी’ जन
 
 
अनुवाद
भगवान ने उत्तर दिया, "जो कोई भी भक्त द्वारा भगवान कृष्ण के वर्णन में दोष ढूंढता है वह पापी व्यक्ति है।
 
The Lord replied, “Anyone who finds fault with a devotee’s description of Lord Krishna is a sinful person.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)