श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 11: श्री ईश्वर पुरी से मिलन  »  श्लोक 102
 
 
श्लोक  1.11.102 
প্রভু দেখি’ শ্রী-ঈশ্বর-পুরী হরষিত
’প্রভু’ হেন না জানেন, তবু বড প্রীত
प्रभु देखि’ श्री-ईश्वर-पुरी हरषित
’प्रभु’ हेन ना जानेन, तबु बड प्रीत
 
 
अनुवाद
ईश्वर पुरी निमाई को देखकर प्रसन्न हुए, और यद्यपि वे उन्हें परमेश्वर के रूप में नहीं जानते थे, फिर भी उनके प्रति उनके मन में प्रेम था।
 
Ishvara was pleased to see Puri Nimai, and although he did not know him as God, he still had love for him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)