श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 11: श्री ईश्वर पुरी से मिलन  »  श्लोक 100
 
 
श्लोक  1.11.100 
গদাধর-পণ্ডিতেরে আপনার কৃত
পুঙ্থি পডাযেন নাম ’কৃষ্ণ-লীলামৃত’
गदाधर-पण्डितेरे आपनार कृत
पुङ्थि पडायेन नाम ’कृष्ण-लीलामृत’
 
 
अनुवाद
उन्होंने गदाधर पंडित को अपने द्वारा लिखित कृष्ण-लीलामृत नामक पुस्तक का अध्ययन कराया।
 
He made Gadadhara Pandit study the book Krishna-Leelamrita written by him.
तात्पर्य
श्री ईश्वर पुरीपाद ने श्री कृष्ण लीलामृत पुस्तक की रचना या संकलन किया, जो उन्होंने श्री गदाधर पंडित गोस्वामी को सिखाया, क्योंकि वह लड़के को स्नेह के योग्य मानते थे।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)