श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 101
 
 
श्लोक  1.10.101 
কি শোভা, কি, সুখ সে হৈল মিশ্র-ঘরে
কোন্ জন তাহা বর্ণিবারে শক্তি ধরে?
कि शोभा, कि, सुख से हैल मिश्र-घरे
कोन् जन ताहा वर्णिबारे शक्ति धरे?
 
 
अनुवाद
वल्लभ मिश्र के घर पर जो अद्भुत दृश्य और आनंद का अनुभव हुआ, उसका वर्णन करने की क्षमता किसमें है?
 
Who has the ability to describe the wonderful sight and joy experienced at Vallabh Mishra's house?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)