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श्री भक्ति रसामृत सिंधु
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सागर 3: पश्चिमी विभाग: मुख्य भक्ति रस
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लहर 5: माधुर्य-रस (प्रेम भाव)
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श्लोक 11
श्लोक
3.5.11
अथ उद्दीपनाः —
उद्दीपना इह प्रोक्ता मुरली-निस्वनादयः ॥३.५.११॥॥
अनुवाद
उद्दीपन: “मधुर-भक्ति-रस में, उद्दीपन बांसुरी और अन्य समान वस्तुओं की ध्वनि है।”
Stimulation: “In madhura-bhakti-rasa, the stimulation is the sound of the flute and other similar objects.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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