अथ दासाः —
दासास् तु प्रश्रितास् तस्य निदेश-वश-वर्तिणः ।
विश्वस्ताः प्रभुता-ज्ञान-विनम्रित-धियश् च ते ॥३.२.१६॥
अनुवाद
"सेवक (दास) सदाचारी होते हैं, प्रभु के आदेश का पालन करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। उन्हें प्रभु पर पूर्ण विश्वास होता है और वे यह स्वीकार करते हुए विनम्रता का भाव रखते हैं कि प्रभु ही उनके स्वामी हैं।"
"Servants (dasas) are virtuous, always ready to obey the Lord's command. They have complete faith in the Lord and are humble in accepting that the Lord is their master."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥