श्री भक्ति रसामृत सिंधु  »  सागर 3: पश्चिमी विभाग: मुख्य भक्ति रस  »  लहर 2: दास्य-रस (प्रीति और सेवा)  »  श्लोक 151
 
 
श्लोक  3.2.151 
रुक्मिणी-नन्दनस् तेषु लाल्येषु प्रवरो मतः ॥३.२.१५१॥
 
 
अनुवाद
“सभी लाल्यों में रुक्मिणी का पुत्र प्रद्युम्न प्रमुख है।”
 
"Among all the Lalyas, Rukmini's son Pradyumna is the chief."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)