vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री भक्ति रसामृत सिंधु
»
सागर 3: पश्चिमी विभाग: मुख्य भक्ति रस
»
लहर 2: दास्य-रस (प्रीति और सेवा)
»
श्लोक 136
श्लोक
3.2.136
स्थितिः —
सह-वासो मुकुन्देन स्थितिर् निगदिता बुधैः ॥३.२.१३६॥
अनुवाद
“बुद्धिमान लोग कृष्ण के साथ स्थायी रूप से रहने को स्थिती कहते हैं।”
“Wise people call permanent stay with Krishna as sthiti.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×