रते कारण-भूता ये कृष्ण-कृष्ण-प्रियादयः ।
स्तम्भाद्याः कार-भूताश् च निर्वेदाद्याः सहायकाः ॥२.५.८५॥
अनुवाद
"कृष्ण और उनके भक्त रति (स्थायी भाव) के कारण हैं। पक्षाघात जैसे सहज कर्म और बुद्धि से जुड़े कर्म रति के प्रभाव हैं। आत्म-निंदा और अन्य छोटी-मोटी भावनाएँ इसके सहवर्ती कारक हैं।"
"Krishna and His devotees are the causes of Rati (permanent emotion). Spontaneous actions like paralysis and actions connected with the intellect are the effects of Rati. Self-reproach and other petty emotions are its concomitant factors."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥