श्री भक्ति रसामृत सिंधु  »  सागर 2: दक्षिणी विभाग: सामान्य भक्ति रस  »  लहर 5: स्थायी-भाव (स्थायी आनंदवर्धक भाव)  »  श्लोक 119
 
 
श्लोक  2.5.119 
कपिलो माधवोपेन्द्रौ नृसिंहो नन्द-नन्दनः ।
बलः कूर्मस् तथा कल्की राघवो भार्गवः किरिः ।
मीन इत्य् एषु कथिताः क्रमाद् द्वादश देवताः ॥२.५.११९॥
 
 
अनुवाद
"बारह रसों में बारह देवता इस प्रकार निर्दिष्ट हैं: कपिल (शांत), माधव (प्रीति), उपेन्द्र (प्रियाण या सख्य), नृसिंह (वत्सल), कृष्ण (मधुर), बलराम (हास्य), कूर्म (अद्भुत), कल्कि (वीर), राम (करुण), प्रशुराम (रौद्र), वराह (भयानक) और मीना (बीभत्स)।
 
"The twelve deities in the twelve rasas are specified as follows: Kapil (tranquil), Madhava (lovely), Upendra (Priyana or Sakhya), Nrisimha (Vatsala), Krishna (sweet), Balarama (comic), Kurma (wonderful), Kalki (heroic), Rama (compassionate), Prashurama (fierce), Varaha (terrible) and Meena (fierce).
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd