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श्लोक 2.4.241  |
एकेन जायमानानाम् अनेकेन च हेतुना ।
बहूनाम् अपि भावानां सन्धिः स्फुटम् अवेक्ष्यते ॥२.४.२४१॥ |
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| अनुवाद |
| “यह भी देखा गया है कि एक कारण या अनेक कारणों से उत्पन्न होकर अनेक भाव एक साथ जुड़ सकते हैं।” |
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| “It has also been observed that many emotions can arise from one or more causes and come together.” |
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