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श्लोक 2.4.199  |
एषां च सात्त्विकानां च तथा नाना-क्रिया-ततेः ।
कार्य-कारण-भावस् तु ज्ञेयः प्रायेण लोकतः ॥२.४.१९९॥ |
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| अनुवाद |
| “व्यवहारिक-भाव, सात्विक-भाव और विभिन्न अन्य कार्यों के कारण और प्रभाव को भौतिक जगत की स्थितियों के समान समझा जाना चाहिए।” |
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| “The cause and effect of vyavaharika-bhava, sattvic-bhava and various other actions should be understood as similar to the conditions of the material world.” |
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