श्री भक्ति रसामृत सिंधु  »  सागर 2: दक्षिणी विभाग: सामान्य भक्ति रस  »  लहर 1: विभाव (आनंदवर्धक अवस्थाएँ)  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  2.1.79 
(१२) बुद्धिमान् —
मेधावी सूक्ष्मधीश् चेति प्रोच्यते बुद्धिमान् द्विधा ॥२.१.७९॥॥
 
 
अनुवाद
(12) बुद्धिमान: बुद्धिमान - "बुद्धिमान का अर्थ है ज्ञान को अवशोषित करने की क्षमता और उत्कृष्ट बुद्धि का होना।"
 
(12) Intelligent: Intelligent – ​​“Intelligent means having the ability to absorb knowledge and having excellent intelligence.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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