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श्लोक 224
श्लोक
2.1.224
स पुनश् चतुर्विधः स्याद् धीरोदात्तश् च धीर-ललितश् च ।
धीर-प्रशान्त-नामा तथैव धीरोद्धतः कथितः ॥२.१.२२४॥
अनुवाद
“कृष्ण को भी चार प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है: धीरोदात्त, धीर-ललिता, धीर-प्रशांत और धीरोद्धात”
“Krishna is also classified into four types: Dhirodatta, Dhir-Lalita, Dhir-Prashant and Dhiroddhata”
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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