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श्लोक 2.1.176  |
(५०) ईश्वरः —
द्विधेश्वरः स्वतन्त्रश् च दुर्लङ्घ्याज्ञश् च कीर्त्यते ॥२.१.१७६॥॥ |
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| अनुवाद |
| (50) ईश्वरः नियंत्रक - "ऐसा कहा जाता है कि नियंत्रक दो प्रकार के होते हैं: वह जो स्वतंत्र है और वह जिसकी आज्ञा की उपेक्षा नहीं की जा सकती।" |
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| (50) God: The Controller – “It is said that there are two kinds of controllers: one who is free and one whose command cannot be ignored.” |
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