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श्री भक्ति रसामृत सिंधु
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सागर 1: पूर्वी विभाग: भक्ति के विभिन्न प्रकार
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लहर 3: भाव-भक्ति (उत्कट समाधि में भक्ति)
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श्लोक 34
श्लोक
1.3.34
अथ आशा-बन्धः —
आशा-बन्धो भगवतः प्राप्ति-सम्भावना दृढा ॥१.३.३४ ॥
अनुवाद
"आत्मविश्वास की परिभाषा इस प्रकार है: यह दृढ़ विश्वास कि व्यक्ति भगवान को प्राप्त कर लेगा।"
"Self-confidence is defined as: the firm belief that one will attain God."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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