Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.4.57-59: मैं (शिवजी), सनत्कुमार, नारद, परमादरणीय ब्रह्माजी, कपिल (देवहूति पुत्र), अपान्तरतम (व्यासदेवजी), देवल, यमराज, आसुरि, मरीचि इत्यादि अनेक सन्तपुरुष एवं सिद्धिप्राप्त अन्य अनेक लोग भूत, वर्तमान तथा भविष्य को जानते हैं। फिर भी भगवान् की माया से ढके होने के कारण हम यह नहीं समझ पाते कि यह माया कितनी विस्तृत है। तुम्हें मुक्ति पाने के लिए उन्हीं भगवान के पास जाना चाहिए क्योंकि यह सुदर्शन चक्र हम लोगों के लिए भी असहनीय है। तुम भगवान विष्णु के पास जाओ। वे निश्चित रूप से दयालु होकर तुम पर कृपा करेंगे। | bhagavat अध्याय 9.4: दुर्वासा मुनि द्वारा अम्बरीष महाराज का अपमान । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं (शिवजी), सनत्कुमार, नारद, परमादरणीय ब्रह्माजी, कपिल (देवहूति पुत्र), अपान्तरतम (व्यासदेवजी), देवल, यमराज, आसुरि, मरीचि इत्यादि अनेक सन्तपुरुष एवं सिद्धिप्राप्त अन्य अनेक लोग भूत, वर्तमान तथा भविष्य को जानते हैं। फिर भी भगवान् की माया से ढके होने के कारण हम यह नहीं समझ पाते कि यह माया कितनी विस्तृत है। तुम्हें मुक्ति पाने के लिए उन्हीं भगवान के पास जाना चाहिए क्योंकि यह सुदर्शन चक्र हम लोगों के लिए भी असहनीय है। तुम भगवान विष्णु के पास जाओ। वे निश्चित रूप से दयालु होकर तुम पर कृपा करेंगे।
I (Shiva), Sanatkumara, Narada, the most respectable Brahma, Kapil (Devahuti's son), Apantartam (Vyasdev), Deval, Yamraj, Asuri, Marichi and many other saints and many other siddhi (accomplished siddhis) know the past, present and future. Yet, being hidden by the illusion of God, we are unable to understand how vast this illusion is. You should go to the same God to get relief because this Sudarshan Chakra is unbearable even for us. You should go to Lord Vishnu. He will surely be merciful and grant you good fortune.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥