नाभाग के पिता बोले : अंगिरा के वंशज इस समय एक बहुत बड़ा यज्ञ करने जा रहे हैं, परंतु बड़े बुद्धिमान होने के बावजूद भी वे हर छठे दिन यज्ञ करते हुए मोहवश हो जाएँगे और अपने दैनिक कर्मों में भी गलती करेंगे।
Nabhaga's father said: The descendants of Angira are going to perform a great sacrifice at this time, but despite being very intelligent, they will be bewildered in performing the sacrifice every sixth day and will commit mistakes in their daily duties.
तात्पर्य
नाभग बहुत ही सरल हृदय था। इसलिये जब वह अपने पिता के पास गया तो पिता ने पुत्र पर दया खाकर कहा कि आजीविका के लिए नभग अंगिरा के वंशजों का यज्ञ में दोष निकालने का काम करो।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥