तस्याहुकश्चाहुकी च कन्या चैवाहुकात्मजौ ।
देवकश्चोग्रसेनश्च चत्वारो देवकात्मजा: ॥ २१ ॥
देववानुपदेवश्च सुदेवो देववर्धन: ।
तेषां स्वसार: सप्तासन् धृतदेवादयो नृप ॥ २२ ॥
शान्तिदेवोपदेवा च श्रीदेवा देवरक्षिता ।
सहदेवा देवकी च वसुदेव उवाह ता: ॥ २३ ॥
अनुवाद
पुनर्वसु के बेटे का नाम आहुक था और बेटी का नाम आहुकी था। आहुक के दो बेटे थे, देवक और उग्रसेन। देवक के चार बेटे थे, देववान, उपदेव, सुदेव और देववर्धन। उनकी सात बेटियाँ भी थीं, जिनके नाम शान्तिदेवा, उपदेवा, श्रीदेवा, देवरक्षिता, सहदेवा, देवकी और धृतदेवा थे। इनमें धृतदेवा सबसे बड़ी थीं। कृष्ण के पिता वसुदेव ने इन सभी बेटियों से विवाह किया था।
Punarvasu had a son Ahuk and a daughter Ahuki. Ahuk had two sons- Devak and Ugrasen. Devak had four sons- Devavan, Updev, Sudeva and Devvardhan. He also had seven daughters named Shantideva, Updev, Srideva, Devarakshita, Sahadeva, Devaki and Dhritadeva. Dhritadeva was the eldest among them. Krishna's father Vasudev married all of them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥