श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 23: ययाति के पुत्रों की वंशावली  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  9.23.15 
आरब्धस्तस्य गान्धारस्तस्य धर्मस्ततो धृत: ।
धृतस्य दुर्मदस्तस्मात् प्रचेता: प्राचेतस: शतम् ॥ १५ ॥
 
 
अनुवाद
सेतु का पुत्र आरब्ध था, आरब्ध का पुत्र गान्धार हुआ और गान्धार का पुत्र धर्म था। धर्म का पुत्र धृत, धृत का दुर्मद और दुर्मद का पुत्र प्रचेता था जिसके एक सौ पुत्र थे।
 
सेतु का पुत्र आरब्ध था, आरब्ध का पुत्र गान्धार हुआ और गान्धार का पुत्र धर्म था। धर्म का पुत्र धृत, धृत का दुर्मद और दुर्मद का पुत्र प्रचेता था जिसके एक सौ पुत्र थे।
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