Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.23.13: गंगा नदी के किनारे खेलते हुए अधिरथ को एक टोकरी में एक शिशु मिल गया। कुन्ती ने इस शिशु को इसलिए छोड़ दिया था क्योंकि यह उसके विवाह से पहले ही जन्मा था। चूँकि अधिरथ का कोई पुत्र नहीं था इसलिए उसने इस शिशु को अपने बेटे की तरह पाला। (बाद में यही पुत्र कर्ण कहलाया।) | bhagavat अध्याय 9.23: ययाति के पुत्रों की वंशावली । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गंगा नदी के किनारे खेलते हुए अधिरथ को एक टोकरी में एक शिशु मिल गया। कुन्ती ने इस शिशु को इसलिए छोड़ दिया था क्योंकि यह उसके विवाह से पहले ही जन्मा था। चूँकि अधिरथ का कोई पुत्र नहीं था इसलिए उसने इस शिशु को अपने बेटे की तरह पाला। (बाद में यही पुत्र कर्ण कहलाया।)
While playing on the banks of the river Ganga, Adhiratha found a baby in a basket. This baby was abandoned by Kunti because it was born before her marriage. Since Adhiratha had no son, he raised this baby as his own son. (Later this son was called Karna)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥