श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 22: अजमीढ के वंशज  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  9.22.7 
बृहद्रथात् कुशाग्रोऽभूद‍ृषभस्तस्य तत्सुत: ।
जज्ञे सत्यहितोऽपत्यं पुष्पवांस्तत्सुतो जहु: ॥ ७ ॥
 
 
अनुवाद
बृहद्रथ से कुशाग्र का जन्म हुआ, कुशाग्र से ऋषभ का, ऋषभ से सत्यहित का, सत्यहित से पुष्पवान का और पुष्पवान से जहु का जन्म हुआ।
 
From Brihadrath was born Kushagra, from Kushagra was born Rishabh, from Rishabh was born Satyahit, from Satyahit was born Pushpavan and from Pushpavan was born Jahu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)