चारुपद के पुत्र सुद्यु थे और सुद्यु के पुत्र बहुगव थे। बहुगव के पुत्र संयाति थे। संयाति से अहंयाति नामक पुत्र हुआ और फिर उससे रौद्राश्व उत्पन्न हुआ।
Charupada's son was Sudyu and Sudyu's son was Bahugava. Bahugava's son was Sanyati, from whom was born a son named Ahanyati and then from him was born Roudrashva.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥