vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् भागवतम
»
स्कन्ध 9: मुक्ति
»
अध्याय 20: पूरु का वंश
»
श्लोक 11
श्लोक
9.20.11
का त्वं कमलपत्राक्षि कस्यासि हृदयङ्गमे ।
किंस्विच्चिकीर्षितं तत्र भवत्या निर्जने वने ॥ ११ ॥
अनुवाद
हे सुन्दर कमल नयन वाली, तुम कौन हो? तुम किसकी पुत्री हो? इस निर्जन वन में तुम क्या कर रही हो? तुम यहाँ क्यों रह रही हो?
O beautiful lotus eyed one, who are you? Whose daughter are you? What is your business in this lonely forest? Why are you staying here?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×