Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.19.22: राजा ययाति ने अपने राज्य को चार भागों में विभाजित किया। उन्होंने अपने पुत्र द्रुह्यु को दक्षिण-पूर्व दिशा, अपने पुत्र यदु को दक्षिण दिशा, अपने पुत्र तुर्वसु को पश्चिम दिशा और अपने चौथे पुत्र अनु को उत्तरी दिशा दे दी। इस तरह उन्होंने अपने राज्य का बँटवारा कर दिया। | bhagavat अध्याय 9.19: राजा ययाति को मुक्ति-लाभ । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा ययाति ने अपने राज्य को चार भागों में विभाजित किया। उन्होंने अपने पुत्र द्रुह्यु को दक्षिण-पूर्व दिशा, अपने पुत्र यदु को दक्षिण दिशा, अपने पुत्र तुर्वसु को पश्चिम दिशा और अपने चौथे पुत्र अनु को उत्तरी दिशा दे दी। इस तरह उन्होंने अपने राज्य का बँटवारा कर दिया।
King Yayati gave the south-east direction to his son Druhyu, the south direction to his son Yadu, the west direction to his son Turvasu and the north direction to his fourth son Anu. In this way he divided the kingdom.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥