Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.18.1: शुक्रदेव गोस्वामी ने कहा, हे राजा परीक्षित, जिस प्रकार शारीरिक आत्मा में छह इन्द्रियाँ होती हैं, उसी प्रकार राजा नहुष के छः पुत्र थे, जिनके नाम यति, ययाति, संयाति, आयति, वियति और कृति थे। | bhagavat अध्याय 9.18: राजा ययाति को यौवन की पुन:प्राप्ति । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शुक्रदेव गोस्वामी ने कहा, हे राजा परीक्षित, जिस प्रकार शारीरिक आत्मा में छह इन्द्रियाँ होती हैं, उसी प्रकार राजा नहुष के छः पुत्र थे, जिनके नाम यति, ययाति, संयाति, आयति, वियति और कृति थे।
Sukadeva Goswami said: O King Pariksit, just as an embodied soul has six senses, similarly King Nahusha had six sons named Yati, Yayati, Sanyati, Aayati, Vyati and Kriti.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥