श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 15: भगवान् का योद्धा अवतार, परशुराम  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  9.15.14 
यमाहुर्वासुदेवांशं हैहयानां कुलान्तकम् ।
त्रि:सप्तकृत्वो य इमां चक्रे नि:क्षत्रियां महीम् ॥ १४ ॥
 
 
अनुवाद
विद्वान इस परशुराम को भगवान वासुदेव का प्रसिद्ध अवतार मानते हैं, जिसने कार्तवीर्य के पूरे वंश का खात्मा कर दिया। परशुराम ने इक्कीस बार पृथ्वी के सभी क्षत्रियों का वध किया।
 
विद्वान इस परशुराम को भगवान वासुदेव का प्रसिद्ध अवतार मानते हैं, जिसने कार्तवीर्य के पूरे वंश का खात्मा कर दिया। परशुराम ने इक्कीस बार पृथ्वी के सभी क्षत्रियों का वध किया।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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