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श्लोक 9.12.5  |
पुष्पो हिरण्यनाभस्य ध्रुवसन्धिस्ततोऽभवत् ।
सुदर्शनोऽथाग्निवर्ण: शीघ्रस्तस्य मरु: सुत: ॥ ५ ॥ |
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| अनुवाद |
| हिरण्यनाभ के पुत्र का नाम पुष्प था जिसके पुत्र ध्रुवसन्धि थे। ध्रुवसन्धि का पुत्र सुदर्शन था जिसका पुत्र अग्निवर्ण था और अग्निवर्ण का पुत्र शिघ्र था। शिघ्र का पुत्र मरु था। |
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| हिरण्यनाभ के पुत्र का नाम पुष्प था जिसके पुत्र ध्रुवसन्धि थे। ध्रुवसन्धि का पुत्र सुदर्शन था जिसका पुत्र अग्निवर्ण था और अग्निवर्ण का पुत्र शिघ्र था। शिघ्र का पुत्र मरु था। |
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