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अध्याय 12: भगवान् रामचन्द्र के पुत्र कुश की वंशावली
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श्लोक 15
श्लोक
9.12.15
रणको भविता तस्मात् सुरथस्तनयस्तत: ।
सुमित्रो नाम निष्ठान्त एते बार्हद्बलान्वया: ॥ १५ ॥
अनुवाद
क्षुद्रक से रणक, रणक से सुरथ, सुरथ से सुमित्र होगा, जिससे वंश का समापन होगा। यह बृहद्बल के वंश का वर्णन है।
क्षुद्रक से रणक, रणक से सुरथ, सुरथ से सुमित्र होगा, जिससे वंश का समापन होगा। यह बृहद्बल के वंश का वर्णन है।
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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