Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 9.11.13-14: शत्रुघ्न के दो बेटे हुए जिनके नाम सुबाहु और श्रुतसेन थे। जब भरत सभी दिशाओं पर विजय प्राप्त करने के लिए निकले, तो उन्हें लाखों गंधर्वों का संहार करना पड़ा, जो प्रायः धोखेबाज होते हैं। उन्होंने उनकी सारी संपत्ति छीन ली और उसे भगवान रामचंद्र को भेंट कर दिया। शत्रुघ्न ने लवण नाम के एक राक्षस का भी वध किया जो मधु राक्षस का पुत्र था। उन्होंने मधुवन नामक महान जंगल में मथुरा नामक नगर की स्थापना की।   |   bhagavat अध्याय 9.11: भगवान् रामचन्द्र का विश्व पर राज्य करना   ।   bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 11: भगवान् रामचन्द्र का विश्व पर राज्य करना  »  श्लोक 13-14
 
 
श्लोक  9.11.13-14 
सुबाहु: श्रुतसेनश्च शत्रुघ्नस्य बभूवतु: ।
गन्धर्वान् कोटिशो जघ्ने भरतो विजये दिशाम् ॥ १३ ॥
तदीयं धनमानीय सर्वं राज्ञे न्यवेदयत् ।
शत्रुघ्नश्च मधो: पुत्रं लवणं नाम राक्षसम् ।
हत्वा मधुवने चक्रे मथुरां नाम वै पुरीम् ॥ १४ ॥
 
 
अनुवाद
शत्रुघ्न के दो बेटे हुए जिनके नाम सुबाहु और श्रुतसेन थे। जब भरत सभी दिशाओं पर विजय प्राप्त करने के लिए निकले, तो उन्हें लाखों गंधर्वों का संहार करना पड़ा, जो प्रायः धोखेबाज होते हैं। उन्होंने उनकी सारी संपत्ति छीन ली और उसे भगवान रामचंद्र को भेंट कर दिया। शत्रुघ्न ने लवण नाम के एक राक्षस का भी वध किया जो मधु राक्षस का पुत्र था। उन्होंने मधुवन नामक महान जंगल में मथुरा नामक नगर की स्थापना की।
 
Shatrughna had two sons named Subahu and Shrutsen. When Bharata went to conquer all directions, he had to kill millions of Gandharvas who are generally deceitful. He snatched all their wealth and brought it and offered it to Lord Ramachandra. Shatrughna also killed a demon named Lavana who was the son of Madhu demon. In this way he established a city named Mathura in the great forest named Madhuvan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)