उसके आकर्षक नाक, गाल और सोने के कुंडल से सजे हुए कान उसके चेहरे को अति सुंदर बना रहे थे। जब वो चलती थी तो उसकी साड़ी का किनारा उसके स्तनों से हट रहा था। जब देवताओं और असुरों ने मोहिनी-मूर्ति के इन खूबसूरत अंगों को देखा तो वो पूरी तरह मोहित हो गए क्योंकि वह उन पर तिरछी नजर से देख रही थी और हल्की-हल्की मुस्कुरा रही थी।
Her attractive nose and cheeks and ears adorned with golden earrings made her face extremely beautiful. When she walked, the edge of her sari was slipping from her breasts. When the gods and demons saw these beautiful body parts of the enchanting figure, they were completely fascinated because she kept smiling slightly while looking at them with a side glance.
तात्पर्य
यहाँ श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर टिप्पणी करते हैं कि मोहिनी-मूर्ति सर्वोच्च भगवान एक स्त्री रूप में हैं और भाग्य की देवी उनकी सहयोगी हैं। भगवान द्वारा ग्रहण किए गए इस रूप ने भाग्य की देवी को चुनौती दी। भाग्य की देवी सुंदर है, लेकिन यदि भगवान एक महिला का रूप लेते हैं, तो वह सुंदरता में भाग्य की देवी से आगे निकल जाते हैं। ऐसा नहीं है कि भाग्य की देवी, महिला होने के नाते, सबसे सुंदर है। भगवान इतने सुंदर हैं कि वह स्त्री रूप धारण करके भाग्य की किसी भी खूबसूरत देवी को पार कर सकते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥