Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.24.55: इस प्रकार भगवान ने राजा सत्यव्रत को वह आध्यात्मिक विज्ञान बतलाया जिसे सांख्ययोग कहा जाता है, जिसके द्वारा पदार्थ और आत्मा के अंतर को समझा जा सकता है (दूसरे शब्दों में, भक्तियोग), साथ ही पुराणों (प्राचीन इतिहास) और संहिताओं में पाये जाने वाले उपदेश भी बताये। भगवान ने इन सभी ग्रंथों में अपनी व्याख्या की है। | bhagavat अध्याय 8.24: भगवान् का मत्स्यावतार । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार भगवान ने राजा सत्यव्रत को वह आध्यात्मिक विज्ञान बतलाया जिसे सांख्ययोग कहा जाता है, जिसके द्वारा पदार्थ और आत्मा के अंतर को समझा जा सकता है (दूसरे शब्दों में, भक्तियोग), साथ ही पुराणों (प्राचीन इतिहास) और संहिताओं में पाये जाने वाले उपदेश भी बताये। भगवान ने इन सभी ग्रंथों में अपनी व्याख्या की है।
In this way, Bhagwan told King Satyavrata the spiritual science which is called Sankhya Yoga, through which the difference between matter and soul (i.e. Bhakti Yoga) is known. Along with this, Bhagwan also told the teachings found in the Puranas (ancient history) and Samhitas. Bhagwan has given his explanation in all these texts.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥