शुकदेव गोस्वामी ने कहा: हे राजन्! इस प्रकार अपने पति कश्यप मुनि से सलाह पाने के बाद अदिति ने बिना काहिली किए उनके निर्देशों का दृढ़तापूर्वक पालन किया और पयोव्रत नामक अनुष्ठान क्रिया का समापन किया।
Sukadeva Goswami said: O King! Thus being instructed by her husband Kasyapa Muni, Aditi obeyed his instructions without any lethargy and performed the Payovrata ritual.
तात्पर्य
प्रगति के लिए, विशेष रूप से आध्यात्मिक जीवन में, एक को गुरु के निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए। अदिति ने ऐसा किया। उसने अपने पति और गुरु के निर्देशों का सख्ती से पालन किया। जैसा कि वैदिक निर्देशों में पुष्टि की गई है, यस्य देवे परा भक्ति यथा देवे तथा गुरु। गुरु में पूर्ण श्रद्धा रखनी चाहिए, जो शिष्य को आध्यात्मिक जीवन में प्रगति करने में मदद करता है। जैसे ही शिष्य स्वतंत्र रूप से सोचता है, आध्यात्मिक गुरु के निर्देशों की परवाह नहीं करता, वह विफल हो जाता है (यस्याप्रसादान न गतिः कुतोऽपि)। अदिति ने अपने पति और आध्यात्मिक गुरु के निर्देशों का बहुत सख्ती से पालन किया, और इस प्रकार वह सफल रही।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥