श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 15: बलि महाराज द्वारा स्वर्गलोक पर विजय  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  8.15.27 
ब्रूहि कारणमेतस्य दुर्धर्षत्वस्य मद्रिपो: ।
ओज: सहो बलं तेजो यत एतत्समुद्यम: ॥ २७ ॥
 
 
अनुवाद
कृपा करके मुझे बताएं कि बलि महाराज की सामर्थ्य, पराक्रम, प्रभाव और विजय प्राप्त करने का कारण क्या है? वह इतना उत्साही कैसे हो गया है?
 
Please tell me what is the reason for Bali Maharaja's power, enterprise, influence and victory? How has he become so enthusiastic?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)